Tere Dar Ki Bhikh – तेरे दर की भीख – विनोद अग्रवाल जी – कृष्ण भजन
तेरे दर की भीख से है,मेरा आज तक गुज़ारा,जीवन का है आधारा,जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,मेरी लाज रखने वाले,तेरे ही दर स...
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