फंसी भंवर में थी मेरी नैया | “उमा लहरी” | भावपूर्ण भजन
फ़सी भँवर में थी मेरी नैया चलाई तूने तो चल पड़ी है,पड़ी जो सोइ थी मेरी किस्मत वो मौज करने निकल पड़ी है,फ़सी भँवर में थी मेरी नैया
भर...
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