घूमतङा घर आवो आवोजी म्हारा प्यारा गजानंद ।। अकबर सेंसड़ा ।। गजानंद वंदना
घूमतडा घर आवो गजानंद ,म्हारा प्यारा ओ गजानंद,खेलतडा घर आवो जी,
मुषे असवारी गणपति पधारो,संग में रिद्धि – सिद्धि लावो जीब्रह्मा पधारो ...
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