प्रार्थना : प्रभु दास समझ अपना लेना//रचना : दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।
हम छोड़ चुके हैं माया को,प्रभु दास समझ अपना लेना ।इस जग की माया-मोह मुझे,भरमाए कभी अपना लेना ।।
प्रभु पाप हुआ होगा हमसे,नादानी में त...
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