नाम हरि का जपले बंदे, फिर पीछे पछतायेगा.
नाम हरी का जप ले बन्दे फिर पीछे पछतायेगा
तू कहता है मेरी काया काया का घुमान क्या,चाँद सा सुन्दर यह तन तेरे मिटटी में मिल जाएगा,फिर प...
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