Shyam se neha lagaaye… Mohd Rafi
श्याम से नेहा लगाए,राधे नीर बहाए ।
जाके गुण बाँसुरिया गाती,वो हारी लिख लिख कर पाती ।जा के बिन है श्याम अधुरो,वो बिरहन कहलाये ॥
पी...
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