अब किसी और जन्नत की परवाह नहीं | महावीर शर्मा जी | Krishna Bhajan | Bhav Pravah
तू मिला तो मिली ऐसी जन्नत मुझे,अब किसी और जन्नत की परवाह नहीं....-2
मिट गए फासले कम हुई दूरियां,खत्म होने को हैं सारी मजबूरियां........
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